सरकारी वकील कैसे बने? | सरकारी वकील बनने की पूरी जानकारी

Sarkari vakeel kaise bane आज आप यह जानने यह आये होंगे। आपको पता होगा कि सरकारी वकील का मतलब होता है। सरकार के लिए काम करने वाला व्यक्ति जो कोर्ट में सरकार का नेतृत्व करता है। प्रदेश में जितने भी क्राइम (crime) होते है। Crime करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस के द्वारा FIR लिखी जाती है। इसके तत्पश्चात पुलिस उस क्राइम (Crime) के खिलाफ इन्वेस्टीगेशन (investigation) करती है। investigation के बाद इस केस से संबंधित सभी जानकारी कोर्ट (court) में पेश की जाती है। और उसके बाद कार्यवाही शुरू की जाती है। यह काम वकील का होता है।

हर स्टेट में सरकारी वकील (government lawyer) की आवश्यकता होती है। स्टेट में हो रहे सारे क्राइम (crime) को सुलझाने का कार्य वकील द्वारा किया जाता है। सरकारी वकील लॉ एंड आर्डर को स्थापित करने में सरकार की मदद करता है। सरकारी वकील की प्रदेश के प्रति क्या जिम्मेदारियां होती हैं और sarkari vakil kaise bane इन सबसे संबंधित सारी जानकारी हम आपको अपने इस article में बताएंगे। आपको सरकारी वकील कैसे बने? (How to become a government lawyer) की कोई भी information लेने के लिए कहीं और जाने की जरूरत नही है।

Main Points

सरकारी वकील कौन होता है? Who is a public prosecutor

सरकारी वकील को prosecution officer और public prosecutor भी कहते है। आज कल हर कोई सपने देखता है। उनमें से बहुत से लोगो का सपना पब्लिक प्रोसिक्यूटर (public prosecutor) बनने का होगा। सरकारी वकील बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए। तथा public prosecutor बनने के लिए  Age, क्वालिफिकेशन (qualification), eligibility आदि क्या होनी चाहिये। यह सारी जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी। यदि आपके मन मे भी public prosecutor kaise bane ( सरकारी वकील कैसे बनें?) का सवाल है। तो अपको यह लेख पूरा पढ़ना होगा।

सरकारी वकील कैसे बने? | सरकारी वकील बनने की पूरी जानकारी

सरकारी वकील बनने के लिए जरूरी शिक्षा

सरकारी वकील (public prosecutor) बनने के लिए आपको कुछ जरूरी डिग्रियां (degrees) लेनी पड़ती है। इसके बाद आप एक लॉयर (lawyer) कहलाते हैं। जो व्यक्ति भी सरकारी वकील (public prosecutor) होगा उसके पास लॉ (law) की डिग्री जरूर होती है। लॉ की डिग्री आप किसी भी यूनिवर्सिटी (university) से प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी (government university) से नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको उस यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम (entrance exam) को clear करना पड़ता है।

लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद आप तो तरीके से सरकारी वकील (public prosecuter) बन सकते हैं। इन दो तरीकों को अपनाकर आप सरकारी वकील बनने की लाइन में जा सकते हैं। तो आइए जानते हैं। इन 2 तरीकों को जो आपको सरकारी वकील (public prosecutor) बनाते है।

  •  एक्सपीरियंस (Experience)
  • एग्जाम (Exam)

आप इन दोनों तरीकों में से किसी एक तरीकों को चुनकर सरकारी वकील बनने की अपनी journey में आगे बढ़ सकते हैं। आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा की एक्सपीरियंस और एग्जाम है क्या?  अब हम नीचे आपको एक सरल और आसान भाषा में एक्सपीरियंस और एग्जाम इन दोनों का मतलब समझाएंगे। ताकि आपके मन मे उठ रहे सवाल HOW TO BECOME A PUBLIC PROSECUTOR (सरकारी वकील कैसे बनें?) का जवाब आपको मिल सके।

सरकारी वकील बनने का पहला तरीका

1. Experience:- एक्सपीरियंस से आपको सरकारी वकील बनने के लिए सर्वप्रथम आपको एक वकील (Advocate) बनना पड़ेगा। यानी कि आपको अपनी पढ़ाई को। complete करने के बाद एक नॉर्मल वकील के तौर पर कार्यरत होना पड़ेगा। जैसे ही आपके पास 10 साल तक का वकील होने का एक्सपीरियंस (experience) हो जाता है। तो आप सरकारी वकील के लिए नियुक्त किए जा सकते हैं। गवर्नमेंट लॉयर बनने के लिए आपके पास अनुभव होना आवश्यक है। एक सरकारी वकील (public prosecutor) अलग नहीं होता है। वह भी नॉर्मल वकील की तरह ही कार्यरत होता है। परंतु अनुभव के साथ उसे सरकारी वकील के लिए नियुक्त कर दिया जाता है।

सरकारी वकील भी क्लाइंट (client) के ऊपर निर्भर रहता है। ऐसा नहीं है कि उसके पास अनगिनत case  होते हैं। परंतु सरकारी वकील अनुभव में नंबर वन पर होते हैं। अपने 10 साल के एक्सपीरियंस (experience) में कोई भी वकील इतने case हैंडल कर चुका होता है। यदि उसे सरकारी वकील के पद पर बैठा दिया जाए तो वह कोर्ट में सरकार का नेतृत्व कर सकता है।

सरकारी वकील बनने के लिए योग्यता (Eligibility Criteria)

  • उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • Experience के माध्यम से सरकारी वकील बनने के लिए उम्मीदवार की उम्र न्यूनतम 35 वर्ष होनी चाहिये।
  • इस माध्यम से सरकारी वकील (public prosecutor) बनने के लिए आपके पास काम से कम 7 साल का न्यूनतम अनुभव होना आवश्यक है। भले ही वह व्यक्ति भारत के किसी भी court में कार्यरत क्यों न हो।

सरकारी वकील बनने का दूसरा रास्ता

2. APO/APP Exam:-  दूसरा रास्ता एग्जाम के द्वारा सरकारी वकील बनना है। यानी जो लोग सरकारी वकील बनना चाहते हैं। वह इस एग्जाम को क्लियर करके सरकारी वकील (public prosecutor) के पद पर बैठ सकते हैं। ज्यादातर लोगों के द्वारा यही तरीका अपनाया जाता है। क्योंकि सरकारी वकील बनने के लिए यह रास्ता सिक्योर (secure) भी है। यदि आपका बचपन से ही सरकारी वकील बनने का लक्ष्य (Aim) है। तो यह रास्ता आपके लिए बेहद खास है। क्योंकि यह exam क्लियर करने के बाद ही आप सरकारी वकील की पोस्ट पर तुरंत बैठ सकते हैं। जिसके लिए आपको किसी भी एक्सपीरियंस (experience) की आवश्यकता नहीं होगी।

यहां तक की कुछ अच्छे वकील जो 4 या इससे अधिक साल तक वकील के पद पर कार्यरत हैं। वह भी सरकारी वकील बनने के लिए इस एग्जाम को देना पसंद करते हैं। क्योंकि एक्सपीरियंस में बहुत टाइम लगता है। जिसके द्वारा आपको सरकारी वकील बनने में एक लंबा समय लग सकता है। परंतु इस एग्जाम के द्वारा आप तुरंत सरकारी वकील बन सकते हैं। इसलिए ज्यादातर लोग इस मार्ग को चुनते हैं।

सरकारी वकील (public prosecutor) बनने के लिए प्रदेश में सरकार द्वारा एक एग्जाम (exam) आयोजित किया जाता है। इस एग्जाम को हर स्टेट (state) में अलग-अलग नाम दिया गया है। अगर उत्तर प्रदेश की बात करे तो उत्तर प्रदेश में इस एग्जाम को APO (assistant prosecutions officer) के नाम से जाना जाता है।

तथा वही मध्यप्रदेश में ADPO ( assistant district prosecution officer) के नाम से जाना जाता है। और राजस्थान में यही एग्जाम APP (assistant public prosecution) के नाम से आयोजित होता है। इसी प्रकार हर स्टेट में इस एग्जाम को अलग अलग नाम से संबोधित किया जाता है। परंतु जो व्यक्ति इस एग्जाम को क्लियर कर देता है। उसे सबसे पहले असिस्टेंट प्रॉसिक्यूटर (Assistant prosecutor) के रूप में स्टेट के किसी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (District Court) में नियुक्त कर दिया जाता है।

Eligiblity Criteria For Uttar pradesh APO Exam

Exam को क्लियर करने के लिए आपके पास सरकार द्वारा निर्धारित योग्यताएं होनी आवश्यक है। यदि आप सरकारी वकील कैसे बने? (Sarkari vakil kese bane) के बारे में जानना चाहते हैं। और इस एग्जाम के माध्यम से सरकारी वकील बनना चाहते हैं। आपको यह जानना बेहद आवश्यक है की आपके पास को सी योग्यताएं होनी चाहिए। हमने नीचे इससे संबंधित जानकारी दी है।

  • जो व्यक्ति सरकारी वकील बनने के लिए इस exam को देगा वह भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय (university) से लॉ (law) की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।

सरकारी वकील (public prosecutor)  बनने के लिए को सा रास्ता चुनना चाहिए

वेसे तो हर तारिका ही best है जो आपको सरकारी वकील बना सकता है। परंतु पहले तरीके में एक नेगेटिव पॉइंट (Negative point) यह है। कि इसमे वकीलों का चयन स्टेट गवर्नमेंट (state government) के द्वारा होता है। मतलब की सरकार के द्वारा बनाये गए वकील न्यूनतम 5 वर्ष तक बने रहते है। क्योंकि यदि सरकार बदलती है। तो वह अपने नेतृत्व के लिए अपने हिसाब से वकील चुनेगी। और हर सरकार के द्वारा अपने द्वारा वकील चुने भी जाते है। यानी इसमे वकीलों का लंबे समय तक बने रहना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन अधिक उम्र के वकील इस प्रक्रिया और अपने अधिक अनुभव के द्वारा सरकारी वकील बन सकते है। और उनके लिए यह तरीका best है।

अगर हम दूसरे तरीके की बात करें तो एक एग्जाम (exam) के द्वारा नियुक्त किए गए सरकारी वकीलों कि मामले में ऐसा नहीं होता है। उनका कार्यकाल लंबा और परमानेंट (permanent) होता है। उनको सरकार बदलने पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता है। एग्जाम द्वारा नियुक्त हुए सरकारी वकील सरकार बदलने पर भी वैसे ही रहते हैं। इसलिए इन्हें प्रदेश में बनी हुई सरकार से कोई मतलब नहीं होता है।

इसलिए बहुत सारे अनुभवी वकील एग्जाम पास करके सरकारी वकील (public prosecutor) बनने में विश्वास रखते हैं। यदि आप भी सरकारी वकील बनना चाहते है। और आप आबि law में graduation कर रहे है।  तो दूसरा तरीका ही आपके लिए best रहेगा। आप AOP/ ADOP/APP एग्जाम की तैयारी करके उसका एग्जाम दे। और सरकारी वकील बनने का सपना पूरा करें।

सरकारी वकील की नियुक्ति कैसे होती है?

सरकारी वकीलों की नियुक्ति सरकार के द्वारा की जाती है।  आपको सेंट्रल गवर्नमेंट (central government) के द्वारा या फिर स्टेट गवर्नमेंट (state government) के द्वारा  नियुक्त किया जाएगा। आप जिस कोर्ट में वकालत करना चाहेंगे। उसी को आधार पर स्टेट गवर्नमेंट और सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा आप को नियुक्त किया जाएगा। कहने का तात्पर्य यह है। यदि आप उच्च न्यायालय (high court) में वकालत करना चाहते हैं। तब सेंट्रल गवर्नमेंट (central government) के द्वारा आपको नियुक्त किया जाएग। तथा आप जिला स्तर के न्यायालय में वकालत करना चाहेंगे। तो प्रदेश की सरकार द्वारा (state government) आपको नियुक्त किया जाएगा। यह बात पूरी तरह से आपके ऊपर निर्भर करती है। यह प्रक्रिया कैसे होती है आइए जानते हैं।

स्टेट गवर्नमेंट हो या सेंट्रल गवर्नमेंट किसी सरकार को भी वकीलों का नाम याद नहीं होता है। इसलिए सरकार के पास एक शीट भेजी जाती है। इस सूची में उन वकीलों के नाम को सूचितबद्व किया जाता है। जिनमे लॉ एंड ऑर्डर (law and order) की अच्छी समझ होती है। और यह वकील लंबे समय तक लॉ के सभी cases हैंडल कर चुके हैं। इस शीट को कानूनी भाषा में पैनल (panel) कहा जाता है। शीट में उन वकीलों के नाम होते है। जिन्हें वकालत का तजुर्बा हो। और जो वकील सरकारी वकील बनने की योग्यता रखते हो। पैनल के तैयार होने के बाद इस पैनल को स्टेट गवर्नमेंट (state government) और सेंट्रल गवर्नमेंट (central government) के पास ट्रांसफर (transfer) कर दिया जाता है।

इसके आगे का सभी कार्य सरकार द्वारा किया जाता है। किस वकील को सरकार द्वारा सरकारी वकील के पद पर नियुक्त किया जाएगा। यह पूर्ण रूप से सरकार पर निर्भर करता है। पैनल में सूचीबद्ध सभी नामो को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (District magistrate) और सेशन कोर्ट के जज के द्वारा सूचीबद्ध किए जाते हैं। यह आपस मे मशवरा करके पैनल को तैयार करते है।

Appointment in high court :-

उच्च न्यायालय में किसी भी वकील की नियुक्ति सेंट्रल गवर्नमेंट (central government) और उस स्टेट की गवर्नमेंट (state government) के द्वारा की जाती है। सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट उच्च न्यायालय के परामर्श के आधार पर किसी वकील को उच्च न्यायालय में नियुक्त करतीं हैं।

Appointment in district court :-

जिला न्यायालय में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (district court) के परामर्श के आधार पर स्टेट गवर्नमेंट (state government) के द्वारा वकीलों को district court में नियुक्त किया जाता है।

सरकारी वकील कौन से कार्य के लिए जिम्मेदार होता है।

  • सरकारी वकील (public prosecutor) पुलिस द्वारा फाइल की गई चार्ज शीट का विश्लेषण करता है।
  • सरकारी वकील के द्वारा नागरिक और आपराधिक दोनो मामलों को देखा जाता है।
  • यह एक्चुअल ट्रायल से पहले pre-trial process को conduct करता है। ताकि पुलिस के द्वारा फाइल की गई। FIR और सबूतों का investigation सही से हो सके।
  • सरकारी वकील कोर्ट में case से संबंधित सभी तथ्यों को रखता है।
  • सरकारी वकील के द्वारा सारे गवाहों और सबूतों को कोर्ट के सामने पेश किया जाता है।
  • Court के जज को उचित निष्कर्ष पर पहुचाने में मदद करना।
  • सरकारी वकील state government का कोर्ट में बचाव करता है।

सरकारी वकील की सैलरी कितनी होती है?

सरकारी वकील की सैलरी कोर्ट टू कोर्ट और स्टेट टू स्टेट डिपेंड करती है। लेकिन अगर हम फिर भी इनकी सैलरी पर चर्चा कर तो APP (Assistant public prosecutor) की सैलरी 15,000₹ से लेकर 39,500₹ तक हो सकती है। लेकिन कोर्ट और स्टेट के आधार पर यह सैलरी बढ़ भी सकती है।

सरकारी वकील को सैलरी के अलावा भी कई सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। समय के साथ सरकारी वकीलों की सैलरी (salary) बढ़ती जाती है। और इनकी सैलरी तभी बढ़ती है। जब सरकारी वकील कोई नया pay commission लाती है।

सरकारी वकील कैसे बने से संबंधित प्रश्न व उत्तर :-

Q:- एपीओ (APO) की परीक्षा का आयोजन कब होता है?

Ans:- APO (Assistant public prosecutor) की परीक्षा का आयोजन हर वर्ष राज्य सरकार द्वारा सरकारी वकील (public ) बनने के लिए कराया जाता है।

Q:- वकील कितने प्रकार के होते हैं?

Ans:-  वकील कई प्रकार के हो सकते हैं। जैसे:- सरकारी वकील (public prosecutor), सीनियर वकील, फैमिली वकील, सुप्रीम कोर्ट का वकील आदि।

Q:- सरकारी वकील बनने के लिए क्या करना चाहिए।

Ans:-  सरकारी वकील बनने से संबंधित सभी जानकारी हमने आपको अपनी इस पोस्ट में दी है। उपस्थित 2 मार्ग में से एक मार्ग चुन कर आप सरकारी वकील (public prosecutor) बन सकते हैं।

निष्कर्ष:-  आज हमने आपको सरकारी वकील कैसे बने? (Sarkari vakil kaise bane) इससे संबंधित सभी जानकारी अपनी इस आर्टिकल में दी है। यदि आपका सपना भी सरकारी वकील (public prosecutor) बनने का है। तो हमारे द्वारा इस आर्टिकल को पढ़कर आपको कौन से रास्ते पर जाना है यह अवश्य पता चल गया होगा। यदि आपको हमारे द्वारा दी गई है जानकारी पसंद आई हो। तो हमें जरूर कंमेंट बॉक्स (comment box) में जरूर बताइएगा। और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।

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