दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

यू पी विकलांग सर्टिफिकेट – वैसे तो शारीरिक अक्षमता किसी की मोहताज नहीं होती। फिर भी हमारी देश की सरकार ने ऐसे दिव्यांग लोगों के लिए कुछ खास इंतजाम किए हुए हैं। ताकि वह अपना जीवन सरलता से व्यतीत कर सकें। वैसे तो आमतौर पर हमारे देश में दिव्यांग जनों के लिए बहुत सी सरकारी योजनाएं चलाई जाती है। जैसे कि दिव्यांग जनों की यात्रा के लिए शुल्क का कम लगना, किसी भी सरकारी नौकरी में आरक्षण मिलना, दिव्यांग जनों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करना, दिव्यांग के लिए जरूरी इक्विपमेंट का सरकार के तरफ से मुफ्त में उपलब्ध करवाना और दिव्यांग पेंशन योजना आदि का संचालन हमारे देश की सरकार द्वारा किया जाता है।

दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

यदि आप सरकार द्वारा चलाए गए सभी प्रकार के दिव्यांग जनों के लिए योजना का लाभ उठाना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको सबसे पहले आपको अपना यू पी विकलांग सर्टिफिकेट बनवाना आवश्यक है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको दिव्यांग सर्टिफिकेट कैसे बनाएं?इसके लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी और सर्टिफिकेट बनवाने के लिए क्या प्रोसीजर है? इन सभी चीजों के बारे में आपको बताने वाले हैं।

यू पी विकलांग सर्टिफिकेट क्या होता है –

कुछ लोग दिव्यांग जन्म से ही होते हैं। और कभी कभी तो किसी अनचाहे घटना का शिकार होने की वजह से व्यक्ति दिव्यांग हो जाता है। हमारे देश में लगभग बहुत सारे दिव्यांग व्यक्ति अपना जीवन यापन कर रहे हैं। दिव्यांग व्यक्तियों को अपना जीवन यापन करने में बहुत सी समस्याएं होती रहती है। एक दिव्यांग व्यक्ति अपने आर्थिक स्थिति को लेकर काफी ज्यादा परेशान रहता है। क्योंकि वह एक आम लोगों की तरह अपनी आर्थिक स्थिति के लिए कुछ नहीं सकता। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए हमारे देश की सरकार द्वारा दिव्यांग जनों के लिए आर्थिक मदद के लिए दिव्यांग पेंशन योजना चला रही है। इस योजना का लाभ उठाकर हर दिव्यांग व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर परेशान नहीं होता।

ऐसे ही कई प्रकार की योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांग जनों के लिए यू पी विकलांग सर्टिफिकेट का होना बहुत आवश्यक है। दिव्यांग सर्टिफिकेट होने की वजह से दिव्यांग व्यक्ति को सरकारी नौकरियों में और अन्य क्षेत्र में आरक्षण प्राप्त होता है। दिव्यांग सर्टिफिकेट, दिव्यांग लोगों के लिए एक बहुत आवश्यक दस्तावेज है।

दिव्यांग सर्टिफिकेट होने से क्या लाभ हो सकते हैं?

दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने से दिव्यांग जनों को निम्नलिखित प्रकार के लाभ मिलते हैं –

  • अगर कोई भी दिव्यांग व्यक्ति अपना यू पी विकलांग सर्टिफिकेट बनवा लेता है। तो उसे सीधे सीधे सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी प्रकार की दिव्यांग योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
  • शारीरिक अक्षमता से पीड़ित दिव्यांग बच्चों को सरकार द्वारा मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
  • दिव्यांग जनों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।
  • किसी भी प्रकार की शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण का लाभ मिलना।
  • दिव्यांग व्यक्ति को जमीन आवंटन में प्राथमिकता मिलना।
  • दिव्यांग जनों को सामाजिक सुरक्षा की स्कीमों का लाभ मिलना।
  • यू पी विकलांग सर्टिफिकेट बनवाने से दिव्यांग व्यक्ति को रोडवेज बस, रेल के किराए में छूट का मिलना।
  • दिव्यांग जनों के लिए दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ मिलना।
  • दिव्यांग जनों के लिए चलाई जा रही अन्य प्रकार की सरकारी योजनाओं का मिलना।
  • दिव्यांग व्यक्ति को किसी भी पद अधिकार से वंचित किए जाने पर उसके निवारण के लिए चीफ कमिश्नर आफ डिसेबिलिटीज के पास जाने और आवेदन करने का अधिकार मिलना।

यू पी विकलांग सर्टिफिकेट बनाने के लिए किन-किन प्रकार की दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है –

सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है –

  • दिव्यांग व्यक्ति का पासपोर्ट साइज फोटो और दिव्यांग के उस अंग का भी एक पासपोर्ट साइज फोटो जिस में साफ-साफ दिव्यांग व्यक्ति की दिव्यांगता दिखाई दे रही हो।
  • दिव्यांग व्यक्ति के पास किसी भी प्रकार का आईडी कार्ड होना आवश्यक है। जैसे वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड।

दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने के लिए क्या प्रोसेस होता है –

दिव्यांग व्यक्ति अपना दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाना चाहता है। तो वे दो प्रकार से अपना सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। पहला ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन आप अपनी सुविधा के अनुसार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। हम आपको दोनों ही प्रोसेस बताने वाले हैं।

ऑनलाइन प्रोसेस दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने के लिए –

  • दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने के लिए आपको सबसे पहले उत्तर प्रदेश की ऑफिशियल http://164.100.181.16/citizenservices/login/login.aspxवेबसाइट पर विजिट करके अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।

दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

  • जब अपना आप सफलतापूर्वक इस वेबसाइट पंजीकरण कंप्लीट कर लेंगे तो आपको एक आईडी और पासवर्ड आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर सेंड किया जाएगा।
  • आईडी पासवर्ड मिलने के बाद आपको उस वेबसाइट में अपना लॉगइन करना है। लॉगइन करने के बाद आपको आवेदन भरें आप्शन पर क्लीक करें।

दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

  • आवेदन भरें पर क्लीक करने आपको “सेवा चुने” आप्शन के ड्राप डाउन मेनू में “विकलांगता प्रमाण पत्र” विकल्प दिखाई देगा। आपको इस आप्शन पर क्लिक करना है।
  • अब आपके सामने एक फॉर्म ओपन होगा। फॉर्म में जो भी जानकारी पूछी जाए उसको सही सही भरना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सभी जरूरी दस्तावेज और घोषणा पत्र को प्रिंटर के माध्यम से स्कैन कर के अपलोड करना होगा।

दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?

  • सारी जानकारी सही सही भरने, एंव आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आपको अपना फॉर्म सबमिट बटन पर क्लीक करना होगा।
  • सब कुछ सफलतापूर्वक करने के बाद आपको सरकार द्वारा निर्धारित ₹10 की फीस जमा करनी होगी इसके लिए आप अपने डेबिट क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • जब आप जमा शुल्क भर देंगे तो आपको 1 हफ्ते के अंदर -अंदर दिव्यांग सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
  • अगर आप अपने सर्टिफिकेट की स्थिति का पता करना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको वेबसाइट पर साइड में उपलब्ध बॉक्स में आवेदन संख्या डालकर चेक करना पड़ेगा।

ऑफलाइन तरीके से यू पी विकलांग सर्टिफिकेट को कैसे बनाएं –

  • दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आपको दिव्यांग सर्टिफिकेट आवेदन फॉर्म की जरूरत पड़ेगी। आप यहां से आसानी से इस फॉर्म को डाउनलोड कर सकते हैं।
  • इस फॉर्म को डाउनलोड करने के बाद इसका प्रिंट आउट निकलवा ले, फिर इसके बाद इसमें जो भी जानकारी पूछी गई हो उसे सही सही तरीके से भर दे। और इस फॉर्म में मांगे गए आवश्यक दस्तावेजों को भी संलग्न करें।
  • इस आवेदन पत्र को कंप्लीट करने के बाद आपको अपने नजदीकी समाज कल्याण विभाग में जाकर संबंधित अधिकारी के पास अपने आवेदन पत्र को जमा कर देना है।
  • आपके आप आवेदन पत्र की सफलतापूर्वक जांच करने के बाद आपके जिला सीएमओ द्वारा आपकी मेडिकल जांच कराई जाएगी।
  • अगर उस दिन जिला सीएमओ खाली होगा। तो आप की मेडिकल जांच तुरंत कर दी जाएगी। नहीं तो वह आपको आप की मेडिकल जांच के लिए समय देंगे। आपके जिला सीएमओ द्वारा आप को दिए गए समय के अनुसार वहां पर आपको प्रस्तुत होना होगा।, अपनी मेडिकल जांच कराने के लिए।
  • आपकी सफलता पूर्वक मेडिकल जांच करने के बाद आपको सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। आपके मेडिकल जांच के परिणाम के द्वारा आपको जिला सीएमओ द्वारा आपको विकलांगता का परसेंटेज दिया जाएगा।
  • अगर आप की जांच होने के बाद भी आपको उस दिन सर्टिफिकेट नहीं मिलता है। तो आपको 5 से 7 दिन के अंदर आपका विकलांगता सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।

दोस्तों अगर आप यू पी विकलांग सर्टिफिकेट से संबंधित कोई भी सवाल पूछना है। तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। हम जल्द ही आपके सवाल का जवाब देंगे। बहुत से लोगों को अभी तक दिव्यांग सर्टिफिकेट जानकारी के बारे में पता नहीं है। इसलिए आप इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। ताकि अन्य लोग भी घर बैठे दिव्यांग सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकें।| धन्यवाद।|

5 thoughts on “दिव्यांग सर्टिफिकेट क्या है? यू पी विकलांग सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं?”

  1. महोदय पूछना यह है कि जिस दिव्यांग व्यक्ति का सर्टिफिकेट बचपन में ही बन गया हो क्या उसको भी उम्र के साथ अपडेट कराना पड़ता है जैसे कि कई सरकारी संस्थानों में मुझसे कहा गया कि मैं उस दिव्यांग सर्टिफिकेट की फ़ोटो को बदलवाइये क्यो की यह बहुत पुरानी है

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    • bilkul update karvane ki jarurat hoti hai. pahle online feeding nhi thi aur ab online feeding hai jisase aapko hi suvidha hao. aur time to time photo update krvana hota hai taki aapke certificate ka koi missuse n kar ske.

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  2. Sir agar accident k karan per ki surgery krk plates implant ki gyi ho tho kya is avastha me disability ka Certificate bn sakta hai…?

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