क्रिसमस डे कब, क्यों और कैसे मनाया जाता हैं? | Christmas Day 2022 – 22

हर साल जैसे ही दिसंबर का महीना शुरू होता है लोगों को बेसब्री से क्रिसमस डे का इंतजार रहता है। क्रिसमस डे ईसाइयों का प्रमुख त्योहार है, जिसे बड़े धूमधाम के साथ भारत ही नहीं बल्कि प्रत्येक देश में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन परमेश्वर के पुत्र ईसा मसीह के जन्मदिन के उपलक्ष में बनाया जाता है।

पूरी दुनिया में रहने वाले लोग अपने अपने तरीके से क्रिसमस डे सेलिब्रेट करते है जिसमें कई परंपराओं का मेलजोल देखने को मिलता है। क्या आपको पता है क्रिसमस डे कब है? और क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? यदि आप भी इन सवालों के जवाब खोज रहे हैं तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल को पढ़ रहे हैं।

क्योंकि इस आर्टिकल में आज हम आपको विस्तार से क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? के बारे में सभी जरूरी जानकारी साझा करने वाले है। इसलिए आपसे अनुरोध है कि कृपया करके हमारे आज के इस ब्लॉग पोस्ट को लास्ट तक पूरा जरूर पढ़ें।

क्रिसमस डे क्या है? | What is Christmas day

क्रिसमस डे कब, क्यों और कैसे मनाया जाता हैं

क्रिसमस डे कब मनाया जाता है? के बारे में जानने से पहले हम क्रिसमस डे क्या होता है? इसके बारे में जान लेते है,क्रिसमस डे ईसाईयों द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है जो खास तौर पर ईसामसीह के जन्म उत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

इस दिन सभी ईसाई और गैर ईसाई मिलकर अपने दोस्तों और रिश्तोदारो के साथ मिठाईयां, गिफ्ट, आदि शेयर करते है और अपने अपने घरों में क्रिसमस ट्री को सजाते है। और घरो में उज्ज्वल, रंगीन रोशनी देखने को मिलती है। इस दिन पूरे विश्व की छुट्टी रहती है और यह सबसे बड़ा दिन भी माना जाता है।

यह त्यौहार हमे प्यार और शांति और जीवन को सुखी और सार्थक बनाने की सीख देता है। हमारे बीच अभी भी बहुत सारे लोग है जो यह नही जानते कि क्रिसमस डे क्यो मनाया जाता है? तो आपको अधिक परेशान होने की आवश्यकता नही है बस पोस्ट में लास्ट तक बने रहे।

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? (Why is Christmas Day celebrated?)

आपके मन मे यह सवाल जरूर होगा कि क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है तो हम आपको बताना चाहेंगे कि पौराणिक कथाओं के अनुसार नाजरेथ नामक स्थान पर एक मरियम नाम की महिला निवास किया करती थी जो स्वभाव में बहुत ही दयालु और मेहनती थी जो यूसुफ नामक आदमी से प्रेम किया करती थी। एक बार ईश्वर के द्वारा गेब्रियल नामक परी को मरियम के पास भेजा और बताया कि धरती पर एक बहुत ही महान आत्मा जन्म लेने वाली है जिससे ईश्वर का पुत्र कहा जायेगा और उसका नाम यीशु होगा।

जिसके बाद मरिया बहुत ही असमजत में पड़ गयी के उसके अविवाहित होते हुए उससे पुत्र की प्राप्ति कैसे होगी उस पर परी न मारिया को बताया कि यह ईश्वर का चमत्कार होगा उसने बताया कि उसके चचेरे भाई एलिज़ाबेथ को एक जॉन बैपटिस्ट नाम एक बच्चे होगा जो आगे चलकर यीशु के जन्म का कारण बनेगा।

इसके बाद मारिया की शादी यूसुफ से हो जाती है और दोनों बेथहलम आ गए जहाँ रहने का स्थान न मिलने के कारण इन्हें जानवरों के खलियान में रहना पड़ा वही यीशु के जन्म है। इस दिन दुनिया मे हर जगह खुशियां मनाई गई, गाने गाए गए। उसी दिन से क्रिसमस डे बनाया जाने लगा।

क्रिसमस डे कब मनाया जाता है? (When is Christmas Day celebrated?)

ईसाइयों का प्रमुख त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाता है जो दुनिया में सबसे बड़ा दिन माना जाता है इस दिन पूरे विश्व की छुट्टी रहती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार 25 दिसंबर को भी जीसस क्राइस्ट का जन्म हुआ था जिन्हें ईश्वर की संतान माना जाता है उन्हीं के नाम पर इस जिनका नाम कृष्ण बढ़ाओ पुलिस स्टाफ ईसाईयों का मानना है कि इस दिन सूर्य का पुनर्जन्म होता है।

क्रिसमस के दिन ईसाई क्रिसमस ट्री को सजाकर एक दूसरे के साथ मिठाइयां बांटते हैं इस दिन रात के समय चारों तरफ रंग बिरंगी रोशनी या देखने को मिलती हैं यह पूरे विश्व में सबसे लंबा मनाया जाने वाला त्यौहार है जो पूरे 12 दिन तक मनाया जाता है और हर दिन क्रिसमस में कुछ ना कुछ खास और नया देखने को मिलता है। यह त्यौहार ना सिर्फ इसाई बल्कि हिंदू धर्म के लोगों के द्वारा भी मनाया जाता है।

क्रिसमस ट्री का इतिहास (History of Christmas Tree)

क्रिसमस का दिन प्रेम और सोहार्द का त्यौहार है इस दिन सभी अपने अपने घरों में क्रिसमस ट्री को सजाते हैं जो दिखने में किसी पिरामिड के आकार का होता है इसका वास्तविक नाम सदाबहार है यह ब्रिज कभी भी सूखता नहीं है और ना ही इसके पत्ते कभी मुड़ जाते हैं यही वजह है कि इसे लंबी आयु का प्रतीक माना जाता है ऐसी मान्यता है कि इस पेड़ को सजाने से घर के बच्चों की आयु लंबी होती है ।

इसीलिए क्रिसमस के दिन हर घर में रंग बिरंगी लाइट और बल्ब को लगाकर क्रिसमस ट्री को तैयार करके क्रिसमस सेलिब्रेट किया जाता है इस परंपरा को सबसे पहले जर्मनी के द्वारा बीमार बच्चों को खुश करने के लिए किया गया था इसके अलावा कई कथाओं में यह सुनने को भी मिलता है कि जब ईसा मसीह का जन्म हुआ था तो ईश्वर और देवताओं ने अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए सदाबहार के वृक्ष लगाएं थे।

क्रिसमिस ट्री से जुड़ी कुछ खास बातें

यदि आप अपने घर में यीशु का जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए क्रिसमस ट्री को सजाते हैं तो आपको इस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानकारी होना बेहद आवश्यक है जिनके बारे में हम आपको विस्तार पूर्वक नीचे सूचीबद्ध रूप में जानकारी प्रदान कर रहे है।

सर्वप्रथम जर्मनी ने क्रिसमस ट्री पर लगाया था खाना

10 वीं शताब्दी में क्रिसमस ट्री को पहली बार जर्मनी मैं बीमार बच्चों को खुश करने के लिए सजाया था इसके बाद 19वीं शताब्दी में इंग्लैंड के द्वारा क्रिसमस ट्री को सजाकर क्रिसमस को सेलिब्रेट किया गया था और धीरे-धीरे यह परंपरा पूरे विश्व में फैल गई जिसके बाद से ही आज सभी लोग क्रिसमस बनाने के लिए अपने घरों में क्रिसमस ट्री को सजाते हैं जिसे सजाने के लिए कई रंग बिरंगी लाइट बल्ब और अन्य चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। तथा इसमें खाने की चीजें दी रखी जाती है।

यीशु के जन्म पर ईश्वर ने मां मरियम को गिफ्ट दिया था सदाबहार वृक्ष

ईसाइयों के धर्मप्रीत बावल में ऐसा लिखा है कि जब मां मारिया ने ईसा मसीह यानी यीशु को जन्म दिया था तो उनके माता-पिता मारिया और जो सबको बधाई देने के लिए कई देवदूत धरती पराए जिन्होंने मामा रहे और यूसुफ को यीशु के जन्म की बधाई देने के लिए उन्हें सदाबहार ब्रिक्स भेंट में दिया था।

जिसके बाद से ही हजारों वर्षों से इस आई लोग क्रिसमस के दिन सदाबहार यानी क्रिसमस ट्री को सजाते आ रहे हैं क्योंकि इसे ना सिर्फ लंबी आयु का प्रतीक माना जाता है बल्कि इससे जाने से घर में सुख शांति और वैभव की भी प्राप्ति होती है।

कई चीजों से सरिता है क्रिसमस ट्री

क्रिसमस यानी 25 दिसंबर आने से कई दिन पहले लोग इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए अपने घरों में क्रिसमस ट्री लेकर आते हैं जो दिखने में एक लकड़ी के प्राइवेट के समान होता है, जिसे सजाने के लिए अधिकतर मोमबत्तियां टॉफियां घंटियों अभी का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि इसे बेहतर तरीके से सजाकर सुंदर बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त क्रिसमस ट्री को सजाने के पीछे एक कारण यह भी माना जाता है कि इसे सजाने से घर में बुरी आत्माएं नहीं आती तथा चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है जिससे घर में सुख, शांति और पैसे की कमी नहीं होती।

FAQ

क्रिसमस क्यों मनाया जाता है?

ईसाइयों के भगवान यीशु के जन्म के शुभ अवसर पर क्रिसमस मनाया जाता है।

क्रिसमस कब मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है जो एक नहीं बल्कि पूरे 12 दिन तक अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है।

ईसा मसीह किसके पुत्र थे?

ईसा मसीह यानी कि यीशु मां मेरी और यूसुफ के पुत्र थे जिन्हें ईश्वर की संतान भी कहा जाता है।

25 दिसंबर को कौन सा त्यौहार हैं?

25 दिसंबर को भारत सहित अन्य कई देशों में क्रिश्मस का त्यौहार मनाया जाता हूं।

निष्कर्ष

भारत के सभी त्योहारों को बड़ी धूम से मनाया जाता हैं। जिसमे क्रिश्मस का त्योहार भी शामिल हैं। जिसके बारे में आज हमनें अपने इस आर्टिकल में जानकारी शेयर की हैं। आज हमनें आपको क्रिसमस डे कब, क्यों और कैसे मनाया जाता हैं? | Christmas Day 2022 – 22 से सम्बंधित सभी जानकारी से अवगत कराया हैं।

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