उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमा योजना क्या है? | उद्देश्य, महत्वपूर्ण बिंदु

उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमा योजना :– आज पूरे देश में स्वच्छ पर्यावण एक सोचनीय विषय बना हुआ है। क्योंकि देश में वृक्षों की कटाई बहुत तेज़ी से हो रही है और साथ ही जनंसख्या तेज़ी से बढ़ रही है जिस कारण वायुमंडल में कार्बनडाई ऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि हो रही है।

जिस विषय पर चिंता जताते हुये उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वरा गंगा हरीतिमा योजना के संचालन का प्रस्ताव रखा है। जिसके तहत पर्यावरण को संतुलित करने के लिये सरकार द्वारा वृक्षों का रोपण कराया जाएगा। जिससे वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी क्योंकि वृक्षों द्वारा कॉर्बनऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ी जाती है।

तो यदि आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी है तो आपको भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाये गये कारगर कदम के बारे में पता होना आवश्यक है और आपका फर्ज बनता है कि आप योजना या अभियान में अपना हाथ बटाएं। तो चलिये यूपी गंगा हरीतिमा योजना 2021 के बारे में विस्तार से जानते है।

उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमा योजना क्या है? | What is Uttar Pradesh Ganga Haritima Yojana

उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमा योजना

UP Ganga Hareetima Yojana की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 दिसम्बर 2020 को एक कार्यक्रम के दौरान की गयी है। जिसके वृक्ष रोपण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

क्योंकि ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आधी से अधिक बीमारियां अशुद्ध वायु के कारण हो रही है और वायु मंडल में शुद्धता के लेकर कोई उचित कदम को नहीं उठाया गया। तो भविष्य में मानव जीवन पर चिंता के विषय हो सकता है।

उत्तर प्रदेश गंगा हरीतिमान योजना के अंतर्गत पहले चरण में यूपी के 27 जिलों में लगभग 1,000 किलोमीटर के गंगा किनारे क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जाएगा।

गंगा हरीतिमान योजना उद्देश्य

यूपी गंगा हरीतिमान योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के गंगा किनारे के लगभग 1 हज़ार किलोमीटर के क्षेत्र में वृक्षारोपण करवाना है जिससे वायुमंडल स्वच्छ होगा और गंगा की अनावश्य रिसाव या कटाई को भी रोका जा सकेगा।

क्योंकि जब नदियों के किनारे वृक्ष होंगे। तो उनकी जड़े मिट्टी को मजबूत तरीके से जकड़े रहेंगी। इसके अलावा आपको बता दें कि इस योजना के अंतर्गत जो वृक्षों का रोपण किया जाएगा। उनमें विशेष रूप से जामुन, नीम, आंवला, बांस, सौगन आदि की उपयोगी प्रजातियां शामिल होंगी। जिससे ईंधन और औषधियों की पूर्ति होगी।

वृक्षारोपण के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए गंगा महोत्सव बनाने के लिए

हम आपको बता चुके है कि इस योजना के अंतर्गत वृक्षारोपण के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए हर प्रयास किया जायेगा। जिसके तहत राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गंगा महोत्सव बनाने की योजना को तैयार किया गया। जिसके माध्यम से लोगों को पौधे रोपण करने के प्रोत्साहित किया जायेगा। जिसके तहत वन विभाग द्वारा 31 लाख नये पौधों के रोपण के लक्ष्य को तैयार किया गया है। जो कुछ समय बाद बड़े होकर वायुमंडल की स्वच्छता में शामिल होंगे वल्कि प्रदेश के राजस्व को मजबूत करने में बहुत सहायक होंगे।

नदी किनारे क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के लिए मददगार साबित होगा वृक्षारोपण

आपको अवगत कर दें कि योजना के अंतर्गत किया जाने वाले वृक्षारोपण से नदियों के किनारे क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को बहुत लाभ होगा। क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि वर्ष के कारण भुरक्षण या भूकटाव हो जाता है।

जिस कारण उन क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों को बहुत समस्या का सामना करना पड़ता है लेकिन जब नदियों के किनारे वृक्षरोपण हो रखा होगा। तो भूमि कटाव का डर नहीं होगा। क्योंकि वृक्षों की जड़े भूमि को अच्छी प्रकार जकड़ लेती है और भूमि कटाव होने से बचाती है इसके अलावा उन लोगों को भोजन पकाने या ठंड दूर करने के लिए ईंधन लेनें के लिए दूर – दूर जंगलों में नहीं जाना होगा।

यूपी की राजधानी में प्रदूषण दर में वृद्धि

उत्तर प्रदेश की राजधानी प्रदूषण के मामले में पूरे उत्तर प्रदेश में चौथे स्थान पर है लेकिन यहां के प्रदूषण दर में हर दिन वृद्धि देखने को मिल रही है। क्योंकि कुछ समय पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स का पारा 420 AQI पहुंच गया है। जो साधारणतय बहुत अधिक माना जाता है। इसके अलावा आपकी बेहतर जानकारी के लिए अवगत करा दें कि उत्तर प्रदेश में प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर कानपुर है जहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 431 है।

लॉकडाउन के कारण पर्यावण पर पड़ा प्रभाव

हाल ही में कोरोना के चलते भारत सरकार द्वारा पूरे देश में लॉकडाउन लगया गया था। जिस कारण आवा – गमन, उद्योगों को पूर्णतया रोक दिया गया था। जिस कारण पर्यावरण में स्वच्छता पर बहुत असर देखने को मिला। जिसका जीता – जगत उदहारण दूर – दूर से पहाड़ों का दिखाना, नदियों में जीवों का दिखायी देना है।

Up Ganga Hareetiman Yojana 2021 Releted FAQ

यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं तो आज आपको गंगा हरीतिमान योजना के बारे में जानकर काफी अच्छा लगा होगा। क्योंकि इस योजना के शुरू होने से प्रदेश के हर नागरिक को बहुत लाभ होगा तथा वह अपने जीवन को अच्छी प्रकार जीने के लिए प्रेरित होगा।

लेकिन अभी भी बहुत से लोग हैं जिनके मन में गंगा हरीतिमान योजना को लेकर बहुत से सवाल आ रहे हैं तथा उनके द्वारा कमेंट बॉक्स में कमेंट करके उन सवालों को पूछा भी जाता है इसलिए हमने उन सवाल और उनके जवाबों को नीचे साझा किया है जो कुछ निम्न प्रकार है –

इस योजना को किस विभाग के देखरेख में चलाया  जाएगा?

यूपी हरीतिमान योजना को पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक समिति का निर्माण किया जाएगा जिसकी देखरेख में इस योजना को चलाया जाए। या फिर ये भी कह सकते हैं कि योजना वन विभाग की देखरेख में चलाई जाएगी।

गंगा हरीतिमान योजना से विशेष रूप से किन लोगों को लाभ होगा?

वैसे तो इस योजना के शुरू होने से प्रदेश के हर नागरिक को लाभ होगा लेकिन विशेष रूप से नदियों के किनारे निवास करने वाले लोगों एवं परिवारों को ज्यादा लाभ होगा।

इस योजना के अंतर्गत कितने वृक्षों का रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया?

इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा एक अत्यंत वृक्षों का रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निष्कर्ष –

उत्तर प्रदेश के वायुमंडल को स्वच्छ करने के लिए शुरू की गई गंगा हरीतिमान योजना के बारे में हमने विस्तार से जानकारी साझा की। आशा करते हैं कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अगर हां! तो इसे अन्य प्रदेशवासियों के साथ साझा करें जिससे वह भी इस योजना के बारे में जान सके।

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