पटवारी की शिकायत कैसे करें? | हिंदी में पूरी जानकारी | Patwari ki shikayat kaise kare

हर राज्य और हर क्षेत्र में अलग-अलग विभाग के लिए अलग-अलग व्यक्ति को चुना जाता है। ऐसे ही एक पटवारी होता है। जो अपनी तहसील के सारी जिम्मेदारियों को देखता है और होने वाले विकासशील कार्यों में भागीदार होता है। परंतु यदि पटवारी कुछ घोटाला करें साथ ही यह बात आपको पता हो तो आप उसकी शिकायत कैसे कर सकते हैं। इसके बारे में आज हम आपको संपूर्ण जानकारी देंगे। यदि आपको नहीं पता कि पटवारी की शिकायत कैसे की जा सकती है तो आज आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। यहां आपको Patwari ki shikayat kaise kare? इसकी जानकारी मिलेगी।

पटवारी की शिकायत तभी की जाती है। जब वह कोई घोटाला करता है। या फिर सरकारी कार्यों में जब वह अपनी शक्तियों का गलत उपयोग करता है। तब पटवारी की शिकायत की जा सकती है। यदि पटवारी आप से रिश्वत ले रहा है। तो आप इस कारण भी पटवारी की शिकायत कर सकते हैं। ऑनलाइन माध्यम से आप पटवारी की शिकायत कैसे कर सकते हैं? इसकी जानकारी आपको इस लेख में दी गयी है। साथ ही पटवारी की शिकायत कैसे की जा सकती है? इसकी विस्तार पूर्वक जानकारी नीचे दी गई है।

पटवारी क्या होता है? What is Patwari?

पटवारी को लेखपाल के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार के द्वारा राजस्व अधिकारी को चयनित किया जाता है। पटवारी वही अधिकारी होता है। इस व्यक्ति की नियुक्ति गांव में की जाती है। एक पटवारी के अधीन एक या एक से अधिक गांव हो सकते हैं। वह व्यक्ति जो भारत राज्य सरकार द्वारा गांव के विकास शील कार्य के लिए चुना जाता है। उसे ही पटवारी कहते हैं। एक पटवारी के द्वारा पूरे गांव के राजस्व से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया जाता है। साथ ही कई अन्य मामलों में भी पटवारी द्वारा कार्य करवाया जाता है।

पटवारी की शिकायत कैसे करें? | हिंदी में पूरी जानकारी | Patwari ki shikayat kaise kare

पटवारी एकमात्र सरकारी विभाग का वह व्यक्ति होता है। जो गांव के लोगों से संपर्क रखता है। यदि वह पटवारी ही गांव के लोगों की बात ना सुने और उनके कार्य को सही से ना कराए। तो इस बात से गांव के लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही यदि पटवारी रिश्वत लेने लगे तो यह उनके लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। यही कारण है कि तब लोगों को पटवारी की शिकायत करने की जरूरत महसूस होती है। परंतु उन्हें इस बात का नहीं पता होता कि आखिर पटवारी की शिकायत कैसे करें? इसके लिए आज हम आपकी पूरी सहायता करेंगे।

पटवारी की शिकायत कैसे करें? How to Complaint Patwari?

जैसे कि ऊपर हमने आपको बताया है। कि पटवारी के ऊपर पूरे गांव की जिम्मेदारी होती है और वह गांव के लोगों से संपर्क में रहता है। परंतु अगर पटवारी अपना कार्य सही ढंग से नहीं करता है। तो उसके ऊपर कार्रवाई करने की आवश्यकता होती है। परंतु गांव के ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है। पर आजकल की पढ़ी-लिखी पीढ़ी पटवारी की शिकायत करने में सक्षम हो सकती है। हमें आपको नीचे पटवारी की शिकायत कैसे करें? इसके बारे में जानकारी प्रदान की है। जो निम्न प्रकार है-

पटवारी की शिकायत “तहसीलदार” से Patwari Complaint to Tehsildar

यह तो आप सब जानते हैं। कि पटवारी के बाद गांव में सरकारी विभाग का सबसे बड़ा पद तहसीलदार का ही होता है। परंतु जिम्मेदारी पटवारी को दी गई होती है। आप पटवारी की शिकायत अपने गांव की तहसीलदार से कर सकते हैं। परंतु कई बार ऐसा देखा गया है। कि तहसीलदार और पटवारी आपस में मिल जाते हैं।

यही कारण है कि शिकायत करने के बावजूद भी पटवारी पर कोई कार्रवाई नहीं होती है और उनके सबूतों को दबा दिया जाता है। जिस कारण से ग्रामीण लोगों को अपनी शिकायत दर्ज करने के दूसरे रास्ते तलाशने होते हैं। यदि आपने तहसीलदार से शिकायत कर दी है। तथा उसके बाद भी आपको किसी प्रकार का कोई उपाय नहीं मिला है। तो आप दूसरे तरीकों को अपना सकते हैं। यह तरीके निम्नलिखित है-

पटवारी की शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी Patwari Complaint To SDM

ऊपर आपको हमने बताया है। की आप पटवारी की शिकायत तहसीलदार से कर सकते हैं। परंतु तहसीलदार और लेखपाल यदि आपस में मिले हो तो आपकी शिकायत पर कार्यवाही नहीं होती है। इसके लिए आपके पास दूसरा रास्ता यह है। कि पटवारी की शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी यानी एसडीएम से कर सकते हैं। आप शिकायत लिखित रूप से अनुमंडल पदाधिकारी तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। SDM द्वारा आपकी शिकायत को जांचा और परखा जाएगा। यदि आपकी शिकायत सही निकलती है। तो पटवारी के खिलाफ कार्यवाही अच्छी तरह से की जाती है। यही कारण है कि यदि तहसीलदार आपकी शिकायत नहीं सुनता है। तो आप SDM के पास जा सकते हैं।

SDM (Sub Divisional magistrate) तुरंत आपकी शिकायत को सुनकर कार्यवाही करने में भरोसा रखते हैं। और एसडीएम के साथ कोई भी आसानी से रिश्वत और सांठ-गांठ का संबंध नहीं बना सकता है। इसलिए आप अनुमंडल पदाधिकारी यानी एसडीएम पर भरोसा कर सकते हैं। वह आपकी शिकायत को सुनकर उसके खिलाफ जल्द से जल्द कड़ा एक्शन लेंगे। ऐसा करने पर पटवारी को जुर्माना और सजा भी दी जा सकती है। यदि आप एसडीएम से पटवारी की शिकायत करना चाहते हैं। तो इसके लिए आपको लिखित रूप से एक कागज पर अपनी शिकायत दर्ज करके एसडीम कार्यालय तक पहुंचाना होगा।

पटवारी के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कैसे करें? How to Complain Online to Patwari?

अभी तक हमने आपको जितनी भी प्रकार की शिकायतें बताई है। वह कागज़ी शिकायतें हैं। परंतु ज्यादातर कागज़ी शिकायतों को बड़े अधिकारियों द्वारा दबा दिया जाता है। ऐसे में गांव के लोगों को क्या करना चाहिए? जिसके कारण उनकी शिकायतों को दबाया न जा सके। आज हम आपको ऑनलाइन माध्यम से पटवारी की शिकायत दर्ज करने के बारे में बताएंगे। गांव के लोगो के पास स्मार्टफोन ज्यादातर   नहीं होते हैं। परंतु वह किसी भी युवा से यह शिकायत ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। जिसे किसी भी अधिकारी द्वारा नहीं दबाया जा सकता है।

आप इसके द्वारा बिजली, पानी और ज़मीन आदि किसी से भी संबंधित शिकायत को दर्ज करा सकते हैं। अब गांव का हर व्यक्ति सीधे मुख्यमंत्री, संभागीय आयुक्त और कलेक्टर से अपनी शिकायत डायरेक्ट कर सकता है। यदि आप भी अपने गांव के पटवारी से असंतुष्ट हैं। तथा इसकी शिकायत करना चाहते हैं। तो आप ऑनलाइन माध्यम से अपने गांव की पटवारी की शिकायत कर सकते हैं। परंतु आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर ऑनलाइन माध्यम से पटवारी की शिकायत करने के लिए आवेदन कैसे करें? तो इसकी जानकारी नीचे दी गयी है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? How to do Online Registration?

पटवारी की ऑनलाइन शिकायत करने के लिए आप किस तरीके से आवेदन कर सकते हैं? इसकी जानकारी हमने आपको नीचे पॉइंट के माध्यम ने दी है जो कि निम्न प्रकार है-

  • सर्वप्रथम आपको अपने राज्य की ऑफिशियल वेबसाइट cg.nic.in को ओपन करना होगा। इसके तत्पश्चात आपके सामने एक न्यू पेज ओपन हो जाएगा।
  • ऑनलाइन जनदर्शन में आपको आवेदन करने के लिए सर्वप्रथम अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  • इस फॉर्म में आपको अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और  ईमेल आईडी, राज्य व जिले का नाम तथा साथ में एक पासवर्ड डालना होगा।
  • इसके बाद आप इसी पासवर्ड के द्वारा जनदर्शन में लॉगिन करके गांव से संबंधित समस्या और पटवारी की ऑनलाइन शिकायत करने में सक्षम होते हैं। इसमें आप अपनी शिकायत को लिख कर के भेज सकते हैं।
  • इसके बाद यह सूचना एनआईसी (NIC) के खाते में जाती है और संबंधित जिले के खाते में भी भेज दी जाती है।
  • पटवारी से संबंधित शिकायत का निवारण प्रशासन द्वारा किया जाता है। यदि आपके द्वारा की गई शिकायत की जांच करने पर पटवारी दोषी साबित होता है। तो पटवारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पटवारी की शिकायत कैसे करें इससे संबंधित प्रश्न व उत्तर (FAQs)

Q:- पटवारी कौन होता है?

Ans:- पटवारी गांव में राजस्व विभाग से संबंधित सबसे बड़ा अधिकारी होता है। यह गांव के कल्याणकारी कार्य की जिम्मेदारी लेता है।

Q:- पटवारी का अन्य नाम क्या है?

Ans:- पटवारी को आम बोलचाल की भाषा में “लेखपाल” के नाम से भी जाना जाता है। यह आपको तहसील में मिलता है। पटवारी से ऊपर गांव में तहसीलदार का स्थान होता है।

Q:- पटवारी की शिकायत कैसे करें?

Ans:- पटवारी की शिकायत आप भी माध्यम से कर सकते हैं। जो हमारे द्वारा इस लेख में ऊपर बताए गए हैं।

Q:- यदि तहसीलदार पटवारी से मिला हो तो क्या करें?

Ans:- यदि तहसीलदार पटवारी से मिला हो तो आप पटवारी की शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी यानी SDM से कर सकते हैं।

Q:- पटवारी की शिकायत ऑनलाइन माध्यम से कैसे करें?

Ans:- ऊपर बताएगी प्रक्रिया के अनुसार आप पटवारी की शिकायत अपने जिले की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):- आज हमने अपने इस लेख में patwari ki shikayat kaise kare? इससे संबंधित संपूर्ण जानकारी आपको प्रदान की है। यदि आपके गांव में भी पटवारी द्वारा ऐसे ही कार्य किया जाता है। तथा रिश्वत ली जाती है। तो आप भी हमारे द्वारा ऊपर बताए गए माध्यम से पटवारी की शिकायत कर सकते हैं।

ज्यादातर लोग ऑनलाइन माध्यम से शिकायत करना पसंद करते हैं। जिसके बारे में ऊपर संपूर्ण जानकारी हमने आपको दी है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई होगी। यदि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर बताइए। साथ ही हमारे इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले।

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