सीएए, सीएबी का क्या मतलब होता है?

जब से सीएए और एनआरसी की बात सामने आई है। पूरे देश में कुछ अजीब सी स्थिति बनी हुई है। एक तरफ मोदी सरकार और उसके समर्थक इसका खुले हाथों से स्वागत कर रहे हैं। वहीं विपक्ष के लोग और मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि कुछ विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा इसके लिए विरोध किया गया है। परंतु अभी भी बहुत से लोगों को सीएए और सीएबी क्या होता है? इसके बारे में जानकारी नहीं है। यदि आप भी उन लोगों में से हैं। तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि हमारे द्वारा यहां आपको CAA, CAB kya hota hai? इसके बारे में बताया गया है।

जबकि मोदी सरकार के द्वारा कहा गया है की यह संविधान के किसी भी पक्ष की कोई अवहेलना नहीं करता है। बहुत से विद्यार्थियों सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षियों को संशोधित नागरिकता कानून पर विरोध करने के लिए हिरासत में भी लिया गया है। यदि आप जानना चाहते हैं कि What is the CAA and CAB?  जिसकी वजह से इतना विरोध हो रहा है। तो हमारे द्वारा नीचे इससे संबंधित संपूर्ण जानकारी दी गई है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने देश के में हो रही प्रत्येक घटना के बारे में जागरूक रहने का पूरा अधिकार है। हमारे द्वारा आपको जागरूक रहने के लिए यह लेख जारी किया गया है। यदि आप अधिक जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़े।

सीएए, सीएबी की फुल फॉर्म क्या होती है? (What is the full form of CAA, CAB?)

सीएए और सीएबी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने से पहले आपको यह पता होना चाहिए की What is the full form of CAA, CAB? तो हमारे यहां आपको इसकी फुल फॉर्म की जानकारी दी गई है। सीएए की फुल फॉर्म”Citizenship Amendment Act” होती है। जिसे हिंदी में “नागरिकता संशोधन अधिनियम” के नाम से जाना जाता है। वही सीएबी की फुल फॉर्म “Citizenship Amendment Bill” होती है जिसे हिंदी में नागरिकता संशोधन बिल के नाम से जाना जाता है। नागरिकता संशोधन अधिनियम संसद में पास होने से पहले नागरिकता संशोधन बिल के नाम से जाना जाता था।

सीएए, सीएबी का क्या मतलब होता है

जैसे ही नागरिकता संशोधन बिल संसद में पास हुआ और इस पर राष्ट्रपति की मोहर लगी। तब से यह संशोधन बिल नागरिकता संशोधन कानून बन गया। इस कानून की मदद से किसान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भगाए गए हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख और पारसी आदि धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। परंतु हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे हैं। जो इसका विरोध कर रहे हैं। जिसमें से अधिकतर विपक्षी, विद्यार्थी और सामाजिकर्ता है। जिनके द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम करके इसका विरोध किया जा रहा है। सरकार के द्वारा इस विरोध को रोकने की कोशिश की जा रही है।

सीएए क्या होता है? (What is the CAA?)

सीएए अर्थात “सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट” की सहायता से पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश आदि देशों से भगाया जाने वाले अन्य धर्म के व्यक्तियों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी। परंतु इसके लिए एक निर्धारित तिथि को रखा गया था। सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2014 तक जिन नागरिकों ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश जैसे देशों को छोड़कर भारत की सीमा पर कदम रख लिया था। वे सभी नागरिक हिंदुस्तान की नागरिकता के लिए पात्र माने गए थे। सीएए देशभर में एक अलग कोहराम मचाए हुए है। जिसके कारण देश की शांति बहुत प्रभावित हुई है। परंतु मोदी सरकार के समर्थक इसके आने से बेहद खुश हैं.

सीएबी क्या होता है? (What is the CAB?)

सीएबी अर्थात सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल जो संसद में पास होने के और राष्ट्रपति के मुहर लगने के पश्चात कानून बना दिया गया है। इसके तहत ही इसको सीए कर दिया गया है। भारत में हर प्रकार का व्यक्ति निवास करता है। इसलिए हर व्यक्ति की सोच भी अलग होती है। जिस कारण हम कह सकते हैं कि यह मुद्दा हमारे भारत देश में हलचल का कारण बन गया है। कुछ लोगों को यह फैसला अच्छा लग रहा है। तो कुछ लोगों को इस फैसले में बहुत खोट नजर आ रही है। परंतु सीएए की सहायता से भारत सरकार के द्वारा ऐसे लोगों को नागरिकता दी जा रही है। जिन लोगों को दूसरे देश में धार्मिक उत्पीड़न सहना पड़ता है।

देश में विरोध का कारण? (Cause of protest in the country?)

जैसे हमारे द्वारा ऊपर बताया गया है कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण निकाले गए दूसरे देशों के लोगों को हमारे देश कि सरकार नागरिकता प्रदान करेगी। इस मुद्दे से अन्य लोग सहमत क्यों नहीं है? इस मुद्दे पर विरोध क्यों हो रहा है? आपके मन में यह सवाल अवश्य आया होगा इसलिए हमारे द्वारा आपको यहां Cause of protest in the country? के बारे में बताया जा रहा है। मुस्लिम संगठन के लोग किस बात का बहुत विरोध कर रहे हैं कि मुस्लिम लोगों को इसके अंतर्गत नहीं रखा गया है। जैसे कि हमने आपको बताया है कि हिंदू, बौद्ध, ईसाई और पारसी आदि धर्म के लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी। परंतु इसमें मुस्लिम धर्म को नहीं रखा गया है।

यह तो हम सब जानते हैं कि हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें हर धर्म का व्यक्ति रहता है। परंतु सरकार के अनुसार 31 दिसंबर 2014 तक जो व्यक्ति भारत की सीमा को पार करता है। वही भारत की नागरिकता प्राप्त करने का हकदार होता है। परंतु मुस्लिम वर्ग के लोगों का कहना यह है कि इसमें केवल गैर मुस्लिम लोगों की नागरिकता की बात कही गई है। जो कि हमारे संविधान के अनुच्छेद 14 का पूर्ण रूप से उल्लंघन करता है। परंतु सरकार का यह कहना है कि इससे हमारे संविधान का उल्लंघन नहीं होता है। इसी कारण यह मुद्दा हमारे देश में विरोध का कारण बना हुआ है। जिसके लिए विश्वविद्यालय के बच्चे, सामाजिक कार्यकर्ता और विपक्षी दल बहुत से कार्यक्रम कर रहे हैं।

सीएए पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? (Supreme court on CAA?)

नागरिकता संशोधन कानून को सुप्रीम कोर्ट में 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली सभी 59 याचिकाओं पर संज्ञान में लिया गया था। कोर्ट के द्वारा नागरिकता संशोधन कानून पर किसी भी प्रकार से स्टे लगाने पर इंकार कर दिया था। इसके तत्पश्चात केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने एक नोटिस जारी किया था। इसके बाद नागरिकता संशोधन कानून 10 जनवरी 2020 को देश में लागू हुआ था। कानून बनने से पहले यह नागरिकता संशोधन बिल था।

अवैध प्रवासी कौन होता है? (Who is an illegal migrant?)

वह नागरिक जो वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में आए हैं। वह सभी अवैध प्रवासी कहलाते हैं। साथ ही साथ जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ भारत में प्रवेश करते हैं। तथा वह स्वीकृति अवधि के बाद भी वापस नहीं जाते हैं। तो ऐसे सभी लोग अवैध प्रवासी कहलाते हैं।

नए कानून के अनुसार अवैध प्रवासी? (Illegal migrant according to new law?)

नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि से धार्मिक उत्पीड़न के कारण परेशान होकर जो हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, सिक्ख और इसाई लोग 31 दिसंबर 2014 तक भारत की सीमा पार कर लेते हैं। उन्हें किसी भी प्रकार से अवैध प्रवासी नहीं माना जाता है। उनके अलावा जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में प्रवेश करता है। उसे अवैध प्रवासी कहा जाता है। साथ ही साथ जो लोग वैध दस्तावेज के साथ आते हैं और निर्धारित तिथि पर वापस नहीं जाते हैं। उन लोगों को अवैध प्रवासी करार दिया जाता है। यह बदलाव नागरिकता संशोधन कानून के बनने के बाद आए हैं।

एनआरसी और सीएए?  (NRC and CAA?)

एनआरसी की बात करें, तो एनआरसी केवल भारत देश के असम राज्य में लागू की गई थी। जबकि नागरिकता संशोधन कानून देशभर में लागू हुआ। एनआरसी को केवल राज्य विशेष में लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी को असम राज्य में लागू नस्ली विशिष्टता को बनाए रखने के लिए किया था। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा असम में बांग्लादेश और आसपास के देश से आए अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए आदेश दिए गए थे। असम के अलावा इसे भारत देश के किसी भी राज्य में लागू नहीं किया गया था।

सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून को राष्ट्रव्यापी कानून बनाया गया है। इसे सरकार द्वारा पूरे भारत में लागू किया गया है। हालांकि बहुत से मुख्यमंत्रियों के द्वारा इस कानून का विरोध किया गया है और उन्होंने खुद के राज्यों में यह कानून लागू नहीं किया है। परंतु संविधान के अनुसार इसे लागू किए जाने पर अंतिम निर्णय केवल केंद्र सरकार के द्वारा ही लिया जाएगा। यदि केंद्र सरकार इसे पूरे देश में लागू करने के बात कहती है। तो कोई भी इसका विरोध नहीं कर पाएगा और यह पूरे भारत देश में लागू किया जाएगा।

सीएए, सीएबी क्या होता है? इससे संबंधित प्रश्न व उत्तर (FAQs)

Q:-1. सीएए की फुल फॉर्म क्या होती है?

Ans:-1. सीएए की फुल फॉर्म Citizenship Amendment Act होती है। जिसे हिंदी में नागरिकता संविधान अधिनियम के नाम से जाना जाता है। देश में इसी का विरोध चल रहा है।

Q:-2. सीएए क्या होता है?

Ans:-2. यह सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बनाया गया एक कानून है। जिसके अंतर्गत अफगानिस्तान, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के धार्मिक उत्पीड़न नागरिकों को भारत सरकार द्वारा नागरिकता प्रदान करने की बात कही गई है।

Q:-3. सीएबी की फुल फॉर्म क्या है?

Ans:-3. सीएबी की फुल फॉर्म “Citizenship Amendment Bill” होती है। जिसे हिंदी में “नागरिकता संशोधन बिल” के नाम से जाना जाता है। इसी को सीएए कहां गया है।

Q:-4. नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध का क्या कारण है?

Ans:-4. नागरिकता संशोधन कानून पर देशभर में विरोध किया जा रहा है। विरोधियों का कहना है कि यह नागरिकता का प्रावधान केवल गैर मुस्लिम लोगों के लिए है। जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है।

Q:-5. अवैध प्रवासी कौन होते हैं?

Ans:-5. वह नागरिकों दूसरे देशों से दस्तावेजों के साथ भारत में आते हैं तथा वह नागरिक जो वैध दस्तावेजों के साथ भारत में आकर निर्धारित तिथि पर वापस नहीं जाते हैं। उन्हें अवैध प्रवासी कहते हैं।

Q:-6. एनआरसी को कहां लागू किया गया है?

Ans:-6. एनआरसी को केवल असम राज्य में लागू किया गया है। जबकि नागरिकता संशोधन कानून को पूरे देश में लागू किया गया है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हमारे द्वारा आज इस लेख में आपको CAA, CAB kya hota hai? CAA, CAB ki full form kya hoti hai? इसके बारे में संपूर्ण जानकारी विस्तार पूर्वक दी गई है। यह हमारे देश में एक विरोध का मुद्दा बन गया है। इसे बहुत से लोगों के द्वारा समर्थन भी प्राप्त हुआ है। परंतु विरोधी पक्ष और कुछ विद्यार्थियों के कारण यह देश भर में कोहराम मचा चुका है।

हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी इस जानकारी के कारण इसके बारे में सही और पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी। यदि आपको हमारा ये लेख पसंद आया हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर अवश्य बताइए। साथ ही हमारे इस लेख को अपने जरूरतमंद दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ शेयर करना ना भले।

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